राजगढ़ (सारंगपुर)
सारंगपुर में सर्व वाल्मीकि समाज के तत्वावधान में महर्षि श्री वाल्मीकि जयंती प्रकट उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में भव्य शोभायात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, महाप्रसादी वितरण और सामाजिक समरसता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें नगर व आसपास के अंचलों से बड़ी संख्या में समाज जन व नागरिकों ने भाग लिया।
शोभायात्रा की शुरुआत वाल्मीकि मंदिर (वार्ड क्रमांक 5, इंद्र कॉलोनी) से हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए राठी मांगलिक परिसर तक पहुंची। यात्रा में झांकियां, बैंड, भगवा पताकाएं और महर्षि वाल्मीकि जी की जीवंत झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग में जगह-जगह समाजजनों और सामाजिक संगठनों ने यात्रा का स्वागत किया। राठी मांगलिक परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल्मीकि समाज की बालिकाओं ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहना की।

राज्यमंत्री गौतम टेटवाल बने मुख्य अतिथि
सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संत एवं राज्यसभा सदस्य बालयोगी श्री उमेशनाथजी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता संगठन प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल, वाल्मीकि सेवा समिति जिलाध्यक्ष रामलाल खटक, डॉ. ध्रुव भल्ला, महेश पुष्पद, सुशील व्यास और राधेश्याम माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा —
“महर्षि वाल्मीकि केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के नैतिक स्तंभ हैं। भगवान श्रीराम ने समाज को सिखाया कि संबंध जाति या वर्ग से नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धता से बनते हैं। रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और मानवता का जीवंत संदेश है।”
उन्होंने आगे कहा कि वाल्मीकि समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
“सफाईकर्मियों और स्वच्छता मित्रों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी है,” उन्होंने जोड़ा।

गुरुदेव उमेशनाथ महाराज का आशीर्वचन
परम पूज्य बालयोगी श्री उमेशनाथजी महाराज ने कहा —
“महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन को जन-जन तक पहुँचाया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सामाजिक समरसता और स्वच्छता के भाव को जनांदोलन का रूप दे रहे हैं।”
समारोह के दौरान अतिथियों का स्वागत पुष्पमालाओं और स्मृति चिन्हों से किया गया। अंत में सभी अतिथियों और समाज के सदस्यों ने सहभोज कर सामाजिक एकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर एसडीएम रोहित बम्हौरे, एसडीओपी अरविंद सिंह, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आयोजन की झलकियां
- भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
- वाल्मीकि समाज की बालिकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ
- राज्यमंत्री टेटवाल और संत उमेशनाथजी का आशीर्वचन
- सहभोज के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश
















