भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने 13 दिसंबर 2025 को अपना दो वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस मौके पर सरकार की उपलब्धियों और आलोचनाओं दोनों का ज़ोरदार जायज़ा सामने आया है।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ
🔹 निवेश और रोजगार में उछाल:
सरकार ने दावा किया है कि पिछले दो साल में 4.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश राज्य में आया है, जिससे लगभग 18 लाख से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
🔹 नदियों के अंतर्देशीय जोड़ने का बड़ा काम:
राज्य ने नदी जोड़ो अभियान के तहत कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जिससे सिंचाई क्षमता में सुधार और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिली।
🔹 नक्सलवाद का समाप्त होना:
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नक्सलवाद-मुक्त घोषित किया है और कहा कि नक्सली गतिविधियाँ अब प्रभावित इलाकों से लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
🔹 दिल्ली में मंत्री अमित शाह से उपलब्धियों की चर्चा:
सीएम मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहयोग मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात कर राज्य सरकार के दो साल के कार्यों का विस्तृत ब्योरा दिया है, जिसमें निवेश, बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं पर काम की जानकारी साझा की गई।
🔹 सरकारी योजनाओं का विस्तार:
राज्य में मेडिकल कॉलेज हर ज़िले में खुल रहे हैं, ई-बस सेवाओं का विस्तार और अन्य अवसंरचना परियोजनाएँ भी जोर पकड़ रही हैं, जैसे प्रमुख निवेश समिट (GIS) में भारी रुचि तथा बाढ़-नियंत्रण परियोजनाएं।
राजनीतिक बयान और विवाद
अल्पमत बयान ने सुर्ख़ियाँ बटोरे:
मध्य प्रदेश के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती और बाबूलाल गौर के कार्यकाल को “मार्केट के स्तर पर योग्य नहीं” बताया, जिससे राजनीतिक गलियारे में विवाद खड़ा हो गया।
सरकार का दावा और भविष्य के लक्ष्य
📌 नया रोडमैप:
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले सालों में स्टार्ट-अप नीति, महिला सुरक्षा ऐप, किसान फसल बीमा में बड़ा बदलाव जैसी नई योजनाएं शुरू होंगी।
📌 विशेष विकास पैकेज:
नक्सल प्रभावित जिलों (बालाघाट, मंडला, दिंडोरी) के लिए विशेष पैकेज भी घोषित किया गया है ताकि ये क्षेत्र भी विकसित हिस्सों जैसे क्षेत्रों के समकक्ष बन सकें।
















